जेतपुरा जमीन विवाद, दूसरा पक्ष पहुंचा एसपी कार्यालय:78 वर्षीय महिला ने पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया; सुरक्षा मांगी

नीमच सिटी थाना क्षेत्र के जेतपुरा गांव में जारी भूमि विवाद में अब दूसरा पक्ष पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा है। बुजुर्ग महिला ने विपक्षी पक्ष पर झूठी शिकायतों और प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। 40-50 वर्षों से काबिज होने का दावा एसपी कार्यालय पहुंची 78 वर्षीय महिला प्रेमबाई पिता मांगीलाल ने बताया कि वे बाछड़ा समुदाय से हैं और जेतपुरा की स्थायी निवासी हैं। शासकीय भू-अभिलेखों के अनुसार पुश्तैनी जमीन उनके नाम पर दर्ज है, जिस पर उनका परिवार पिछले 40 से 50 वर्षों से काबिज है। अवैध निर्माण और स्टे आदेश के उल्लंघन का आरोप पीड़िता ने गांव के ही रंजना, निशा, जोशना, रेखा, बिंदिया, किशन लाल और ज्योति सहित अन्य लोगों पर जमीन पर कब्जा कर मकान बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 2010 में तहसीलदार उनके पक्ष में फैसला दे चुके हैं और 15 जुलाई 2026 को स्टे आदेश भी जारी हुआ था, जिसका उल्लंघन कर निर्माण जारी रखा गया। मारपीट, पत्थरबाजी और झूठी शिकायत का दावा शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया कि विरोधी पक्ष द्वारा उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और पत्थरबाजी की गई। साथ ही घर के दरवाजे-खिड़कियां तोड़ दिए गए। महिला का यह भी कहना है कि विपक्षी पक्ष झूठी शिकायतें दर्ज करा रहा है, जबकि जिस काजल नाम की महिला पर आरोप लगाए गए, वह घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं थी। सुरक्षा और कार्रवाई की मांग विरोधी पक्ष से हमले की आशंका जताते हुए बुजुर्ग महिला ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने, पुश्तैनी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने और अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

Aug 20, 2026 - 17:01
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जेतपुरा जमीन विवाद, दूसरा पक्ष पहुंचा एसपी कार्यालय:78 वर्षीय महिला ने पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया; सुरक्षा मांगी
नीमच सिटी थाना क्षेत्र के जेतपुरा गांव में जारी भूमि विवाद में अब दूसरा पक्ष पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा है। बुजुर्ग महिला ने विपक्षी पक्ष पर झूठी शिकायतों और प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। 40-50 वर्षों से काबिज होने का दावा एसपी कार्यालय पहुंची 78 वर्षीय महिला प्रेमबाई पिता मांगीलाल ने बताया कि वे बाछड़ा समुदाय से हैं और जेतपुरा की स्थायी निवासी हैं। शासकीय भू-अभिलेखों के अनुसार पुश्तैनी जमीन उनके नाम पर दर्ज है, जिस पर उनका परिवार पिछले 40 से 50 वर्षों से काबिज है। अवैध निर्माण और स्टे आदेश के उल्लंघन का आरोप पीड़िता ने गांव के ही रंजना, निशा, जोशना, रेखा, बिंदिया, किशन लाल और ज्योति सहित अन्य लोगों पर जमीन पर कब्जा कर मकान बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 2010 में तहसीलदार उनके पक्ष में फैसला दे चुके हैं और 15 जुलाई 2026 को स्टे आदेश भी जारी हुआ था, जिसका उल्लंघन कर निर्माण जारी रखा गया। मारपीट, पत्थरबाजी और झूठी शिकायत का दावा शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया कि विरोधी पक्ष द्वारा उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और पत्थरबाजी की गई। साथ ही घर के दरवाजे-खिड़कियां तोड़ दिए गए। महिला का यह भी कहना है कि विपक्षी पक्ष झूठी शिकायतें दर्ज करा रहा है, जबकि जिस काजल नाम की महिला पर आरोप लगाए गए, वह घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं थी। सुरक्षा और कार्रवाई की मांग विरोधी पक्ष से हमले की आशंका जताते हुए बुजुर्ग महिला ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने, पुश्तैनी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने और अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।