धान पर 3100 रुपए MSP की मांग:बालाघाट में भावांतर योजना का विरोध किया; विधानसभा घेराव की चेतावनी दी

बालाघाट में धान उत्पादक किसानों ने राज्य सरकार की भावांतर भुगतान योजना का विरोध शुरू कर दिया है। गुरुवार को किसान गर्जना संगठन के बैनर तले किसानों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने योजना को वापस लेने और धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए देने की मांग की है। 3100 रुपए समर्थन मूल्य देने का किया था वादा किसान गर्जना संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने कहा कि सरकार चुनाव के दौरान किए गए वादे के अनुसार धान उत्पादकों को 3100 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं दे रही है। भावांतर योजना के भंवर में फंसाने का आरोप किसानों का आरोप है कि सरकार उन्हें भावांतर योजना के भंवर में फंसाना चाहती है। मॉडल रेट को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जुलाई में सिवनी में हुई थी योजना की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जुलाई में सिवनी प्रवास के दौरान धान किसानों के लिए भावांतर योजना लागू करने की घोषणा की थी। इसके तहत मंडी मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों के खाते में भेजने का प्रावधान है। विधानसभा और मुख्यमंत्री के घेराव की चेतावनी संगठन ने बताया कि यदि भावांतर योजना को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेश भर के किसान एकजुट होकर विधानसभा का घेराव करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री के बालाघाट आगमन पर भी उनका विरोध किया जाएगा।

Aug 20, 2026 - 17:01
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धान पर 3100 रुपए MSP की मांग:बालाघाट में भावांतर योजना का विरोध किया; विधानसभा घेराव की चेतावनी दी
बालाघाट में धान उत्पादक किसानों ने राज्य सरकार की भावांतर भुगतान योजना का विरोध शुरू कर दिया है। गुरुवार को किसान गर्जना संगठन के बैनर तले किसानों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने योजना को वापस लेने और धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए देने की मांग की है। 3100 रुपए समर्थन मूल्य देने का किया था वादा किसान गर्जना संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने कहा कि सरकार चुनाव के दौरान किए गए वादे के अनुसार धान उत्पादकों को 3100 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं दे रही है। भावांतर योजना के भंवर में फंसाने का आरोप किसानों का आरोप है कि सरकार उन्हें भावांतर योजना के भंवर में फंसाना चाहती है। मॉडल रेट को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जुलाई में सिवनी में हुई थी योजना की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जुलाई में सिवनी प्रवास के दौरान धान किसानों के लिए भावांतर योजना लागू करने की घोषणा की थी। इसके तहत मंडी मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों के खाते में भेजने का प्रावधान है। विधानसभा और मुख्यमंत्री के घेराव की चेतावनी संगठन ने बताया कि यदि भावांतर योजना को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेश भर के किसान एकजुट होकर विधानसभा का घेराव करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री के बालाघाट आगमन पर भी उनका विरोध किया जाएगा।