आज रात से थम जाएंगे 108 एम्बुलेंस के पहिए:डीएम, डीसी पर लगाए आरोप; कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का किया ऐलान
गुना जिले की 108 एम्बुलेंस सेवा एक बार फिर विवादों में है। कर्मचारियों ने जिला प्रबंधक (डीएम) और जिला समन्वयक (डीसी) पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, पैसों की मांग और खराब एम्बुलेंस चलाने का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार रात 12 बजे से जिले की सभी 108 एम्बुलेंस खड़ी कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। कोतवाली में शिकायत, कलेक्टर को भी सौंपा ज्ञापन 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों ने सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर को भी शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई होने के बजाय उन्हें और अधिक प्रताड़ित किया जाने लगा। उनका कहना है कि कंपनी से कोई विवाद नहीं है, बल्कि जिले के डीएम और डीसी के व्यवहार से पूरा स्टाफ परेशान है। ड्यूटी के नाम पर पैसों की मांग का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डीएम और डीसी कर्मचारियों से अभद्र भाषा में बात करते हैं और कई बार शराब के नशे में भी दुर्व्यवहार करते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ड्यूटी लगाने के नाम पर पैसों की मांग की जाती है। वहीं यदि रात में किसी एम्बुलेंस को कॉल नहीं मिलती तो कर्मचारियों की उपस्थिति तक दर्ज नहीं की जाती। खराब एम्बुलेंस चलाने का बनाया जाता है दबाव कर्मचारियों के अनुसार जिले की कई एम्बुलेंस लंबे समय से खराब हालत में हैं। कई वाहनों में तकनीकी खामियां होने के बावजूद उन्हें संचालन के लिए मजबूर किया जाता है। कर्मचारियों ने बताया कि कुछ एम्बुलेंस में पिछले दो महीने से ब्रेक की गंभीर समस्या है। अधिकारियों को कई बार जानकारी देने के बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई। जब कर्मचारी सुरक्षा का हवाला देकर वाहन चलाने से मना करते हैं तो उन्हें ड्यूटी से हटाने और भोपाल में जवाब देने की धमकी दी जाती है। रात से हड़ताल की चेतावनी कर्मचारियों का कहना है कि जिले के करीब 50 कर्मचारी इस स्थिति से परेशान हैं। यदि सोमवार तक डीएम और डीसी को नहीं हटाया गया तो सोमवार रात 12 बजे से जिले की सभी 108 एम्बुलेंस खड़ी कर दी जाएंगी। कर्मचारियों का कहना है कि इसके बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और शासन की होगी. इस मामले में जिला प्रबंधक (डीएम) और जिला समन्वयक (डीसी) का पक्ष नहीं मिल सका।
गुना जिले की 108 एम्बुलेंस सेवा एक बार फिर विवादों में है। कर्मचारियों ने जिला प्रबंधक (डीएम) और जिला समन्वयक (डीसी) पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, पैसों की मांग और खराब एम्बुलेंस चलाने का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार रात 12 बजे से जिले की सभी 108 एम्बुलेंस खड़ी कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। कोतवाली में शिकायत, कलेक्टर को भी सौंपा ज्ञापन 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों ने सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर को भी शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई होने के बजाय उन्हें और अधिक प्रताड़ित किया जाने लगा। उनका कहना है कि कंपनी से कोई विवाद नहीं है, बल्कि जिले के डीएम और डीसी के व्यवहार से पूरा स्टाफ परेशान है। ड्यूटी के नाम पर पैसों की मांग का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डीएम और डीसी कर्मचारियों से अभद्र भाषा में बात करते हैं और कई बार शराब के नशे में भी दुर्व्यवहार करते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ड्यूटी लगाने के नाम पर पैसों की मांग की जाती है। वहीं यदि रात में किसी एम्बुलेंस को कॉल नहीं मिलती तो कर्मचारियों की उपस्थिति तक दर्ज नहीं की जाती। खराब एम्बुलेंस चलाने का बनाया जाता है दबाव कर्मचारियों के अनुसार जिले की कई एम्बुलेंस लंबे समय से खराब हालत में हैं। कई वाहनों में तकनीकी खामियां होने के बावजूद उन्हें संचालन के लिए मजबूर किया जाता है। कर्मचारियों ने बताया कि कुछ एम्बुलेंस में पिछले दो महीने से ब्रेक की गंभीर समस्या है। अधिकारियों को कई बार जानकारी देने के बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई। जब कर्मचारी सुरक्षा का हवाला देकर वाहन चलाने से मना करते हैं तो उन्हें ड्यूटी से हटाने और भोपाल में जवाब देने की धमकी दी जाती है। रात से हड़ताल की चेतावनी कर्मचारियों का कहना है कि जिले के करीब 50 कर्मचारी इस स्थिति से परेशान हैं। यदि सोमवार तक डीएम और डीसी को नहीं हटाया गया तो सोमवार रात 12 बजे से जिले की सभी 108 एम्बुलेंस खड़ी कर दी जाएंगी। कर्मचारियों का कहना है कि इसके बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और शासन की होगी. इस मामले में जिला प्रबंधक (डीएम) और जिला समन्वयक (डीसी) का पक्ष नहीं मिल सका।