नर्मदापुरम राइस मिल में मजदूर का हाथ-पैर कटा:हादसे के 20 घंटे बाद खुलासा, समूह बीमा तक नहीं कराया था कंपनी ने
नर्मदापुरम में मोहासा औद्योगिक क्षेत्र स्थित भगवती राइस मिल में दो दिन पहले काम के दौरान पॉलिश मशीन की चपेट में आने से 45 वर्षीय मजदूर महेश नामदेव गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे में उसका एक हाथ और एक पैर कटकर शरीर से अलग हो गया। मजदूर का भोपाल के एक निजी अस्पताल में उपचार जारी है। सोमवार को औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग और श्रम विभाग की टीम ने राइस मिल पहुंचकर मौका मुआयना किया। जांच के दौरान कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था में चूक के साथ मजदूर का समूह बीमा नहीं कराया जाना भी सामने आया। पॉलिश मशीन की चपेट में आया था मजदूर भगवती राइस मिल में शनिवार शाम करीब 5:30 बजे मजदूर महेश नामदेव काम कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर पॉलिश मशीन की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि उसका एक हाथ और एक पैर शरीर से अलग हो गया। हादसे के बाद मजदूर को इलाज के लिए भोपाल के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। करीब 20 घंटे बाद सामने आया हादसा हादसे के बाद प्रबंधन पर घटना को छिपाने के आरोप भी लगे हैं। करीब 20 घंटे बाद जब मामले की जानकारी सामने आई तो नायब तहसीलदार, माखननगर थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर और श्रम निरीक्षक ज्योति अय्यर मौके पर पहुंचे। हालांकि, मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। इसके बाद टीम ने मौका पंचनामा तैयार किया और वापस लौट गई। घटना के तीसरे दिन सोमवार को श्रम विभाग और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने दोबारा राइस मिल पहुंचकर निरीक्षण किया। मौके पर नहीं मिले हादसे से जुड़े साक्ष्य सोमवार को अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम को मौके पर कहीं भी खून या हादसे से जुड़े अन्य स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले। अधिकारियों ने मौके का पंचनामा तैयार किया। निरीक्षण के दौरान औद्योगिक इकाई में सुरक्षा व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों की भी जांच की गई। अब हादसे की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जांच की जाएगी। मजदूर का नहीं कराया गया समूह बीमा जांच के दौरान सामने आया कि कंपनी की ओर से मजदूर का समूह बीमा नहीं कराया गया था। हादसे के बाद यह भी जांच का अहम बिंदु बन गया है। अधिकारियों के अनुसार घायल मजदूर के पास संबल कार्ड है। ऐसे में शासन की योजना के तहत उसे आंशिक क्षति के लिए करीब एक लाख रुपए की सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जा रही है। कंपनी करा रही इलाज, आधिकारिक बयान से बच रहे अधिकारी हादसे के बाद भगवती राइस मिल प्रबंधन की ओर से घायल मजदूर का भोपाल के निजी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। हालांकि, घटना और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर कंपनी के अधिकारी विस्तृत आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं। श्रम विभाग के अनुसार मजदूर और उसके परिवार के प्रति कंपनी की ओर से संवेदना जताई गई है, लेकिन हादसे की जिम्मेदारी और सुरक्षा चूक से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। सुरक्षा मानकों की जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी सहायक श्रम आयुक्त रजनी मालवीय के अनुसार राइस मिल का निरीक्षण कर सुरक्षा संबंधी मानकों की जांच की गई है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया है। अधिकारियों के मुताबिक हादसे की पूरी जांच औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग और माखननगर थाना पुलिस करेगी। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।
नर्मदापुरम में मोहासा औद्योगिक क्षेत्र स्थित भगवती राइस मिल में दो दिन पहले काम के दौरान पॉलिश मशीन की चपेट में आने से 45 वर्षीय मजदूर महेश नामदेव गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे में उसका एक हाथ और एक पैर कटकर शरीर से अलग हो गया। मजदूर का भोपाल के एक निजी अस्पताल में उपचार जारी है। सोमवार को औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग और श्रम विभाग की टीम ने राइस मिल पहुंचकर मौका मुआयना किया। जांच के दौरान कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था में चूक के साथ मजदूर का समूह बीमा नहीं कराया जाना भी सामने आया। पॉलिश मशीन की चपेट में आया था मजदूर भगवती राइस मिल में शनिवार शाम करीब 5:30 बजे मजदूर महेश नामदेव काम कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर पॉलिश मशीन की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि उसका एक हाथ और एक पैर शरीर से अलग हो गया। हादसे के बाद मजदूर को इलाज के लिए भोपाल के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। करीब 20 घंटे बाद सामने आया हादसा हादसे के बाद प्रबंधन पर घटना को छिपाने के आरोप भी लगे हैं। करीब 20 घंटे बाद जब मामले की जानकारी सामने आई तो नायब तहसीलदार, माखननगर थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर और श्रम निरीक्षक ज्योति अय्यर मौके पर पहुंचे। हालांकि, मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। इसके बाद टीम ने मौका पंचनामा तैयार किया और वापस लौट गई। घटना के तीसरे दिन सोमवार को श्रम विभाग और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने दोबारा राइस मिल पहुंचकर निरीक्षण किया। मौके पर नहीं मिले हादसे से जुड़े साक्ष्य सोमवार को अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम को मौके पर कहीं भी खून या हादसे से जुड़े अन्य स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले। अधिकारियों ने मौके का पंचनामा तैयार किया। निरीक्षण के दौरान औद्योगिक इकाई में सुरक्षा व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों की भी जांच की गई। अब हादसे की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जांच की जाएगी। मजदूर का नहीं कराया गया समूह बीमा जांच के दौरान सामने आया कि कंपनी की ओर से मजदूर का समूह बीमा नहीं कराया गया था। हादसे के बाद यह भी जांच का अहम बिंदु बन गया है। अधिकारियों के अनुसार घायल मजदूर के पास संबल कार्ड है। ऐसे में शासन की योजना के तहत उसे आंशिक क्षति के लिए करीब एक लाख रुपए की सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जा रही है। कंपनी करा रही इलाज, आधिकारिक बयान से बच रहे अधिकारी हादसे के बाद भगवती राइस मिल प्रबंधन की ओर से घायल मजदूर का भोपाल के निजी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। हालांकि, घटना और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर कंपनी के अधिकारी विस्तृत आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं। श्रम विभाग के अनुसार मजदूर और उसके परिवार के प्रति कंपनी की ओर से संवेदना जताई गई है, लेकिन हादसे की जिम्मेदारी और सुरक्षा चूक से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। सुरक्षा मानकों की जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी सहायक श्रम आयुक्त रजनी मालवीय के अनुसार राइस मिल का निरीक्षण कर सुरक्षा संबंधी मानकों की जांच की गई है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया है। अधिकारियों के मुताबिक हादसे की पूरी जांच औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग और माखननगर थाना पुलिस करेगी। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।